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मीडिया ने बनाया है 'एएपी' को

मीडिया ने बनाया है 'एएपी' को




गुरुवार को आप ने विश्वास मत जीत लिया। विश्वास मत के लिए हुए चुनाव में आप को 37 विधयकों ने समर्थन देकर विश्वास मत दिलवा दिया। 2013 में आयी आम आदमी पार्टी शुरुआत से ही सुर्खियों में बनी हुई है। सरकार में आते ही मुख्यमंत्र अरविंद केजरीवाल तेापफेां ने दिल्ली की जनता को उनकी अेार और आकर्षित किया तो वहीं दूसरी ओर अन्य राज्य सरकारों को विचार करने पर मजबुर कर दिया। भारत के इतिहास में यह एक ऐसा समय चल रहा है जब अत्यध्कि व्यक्ति देश के मुद्दों व बदलाव से जुड़ रहे हैं। आज आम आदमी पार्टी के कारगार व लोकप्रिय होने का बहुत बड़ा कारण मीडिया है। अरविंद केजरिवाल ने कभी भी अपने आपको सुरखियों से हटने नहीं दिया। पिफर चाहे वो अन्ना के साथ रह कर या पिफर उनसे अलग रह कर। मिडिया ने भी उनके द्वारा किए गए वादों व एलानों को जनता तक पहुंचाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई। मिडिया ने उनके भाषणों, जनसभाओं, रैलियों को अत्याध्कि सुर्खियों में रखा। अरविंद केजरिवाल ने भी मीडिया को हर दुसरे दिन नए अवसर दिए ओैर सुर्खियों में बने रहे। चाहे वो काभी उपवास करके, बिजली के खंभे पर चढ़कर या सड़कों पर प्रदर्शन कर कर। उन्होंने एक पूर्वयोजित ढ़ंग से दिल्ली वासियों के मन में अपनी छवी बना डाली। जिसका पफायदा उनकों दिल्ली विधनसभा चुनाव में मिला। ऐसे नतिजों को देखकर केवल बड़े-बड़े राजनेता ही नह अपितु कई विशेषज्ञ भी मात खा गए। अरविंद केजरिवाल ने आते ही अपने दो बड़े वादों को पूरा करते हुए बिजली कंपनियों को अॅडिट करने का भी हुक्कुम दे डाला। अगर विशेषज्ञों कि माने तो पानी व बिजली के मुद्दों पर उठाए गए कदम ज्यादा समय व ज्यादा लोगों के लिए कारगार नहीं है। अपितु अरविंद केजरिवाल ने ये  फैसले लेकर दिल्ली की भोली-भाली जनता को अपने तरपफ और रूझा लिया है। अरविंद केजरिवाल इस राजनिति के मैदान में पुरी तैयारी से आए है। उन्होने खुद को ही नही बल्की अपने मंत्रियों को भी मीडिया का उपयोग बखुबी सिखा दिया है। तभी तो उनके मंत्राी रातों को सड़क पर निकल पड़ते हैं, रैनबसेरे के पास पराठें खाते हैं व मीडिया के साथ ही अस्पताल पहुंच जाते हैं। अरविंद केजरिवाल की कामयाबी के पीछे उनकी पूर्व आयोजित योजनाओं व मीडिया का बहुत बड़ा हाथ है। अब देखना यह होगा की आने वाले आम चुनाव में अरविंद केजरिवाल की क्या भूमिका होती है?
अरविंद केजरीवाल तेाफेां ने दिल्ली की जनता को उनकी अर और आकर्षित किया तो वहीं दूसरी ओर अन्य राज्य सरकारों को विचार करने पर मजबुर कर दिया। भारत के इतिहास में यह एक ऐसा समय चल रहा है जब अत्यध्कि व्यक्ति देश के मुद्दों व बदलाव से जुड़ रहे हैं। आज आम आदमी पार्टी के कारगार व लोकप्रिय होने का बहुत बड़ा कारण मीडिया है। अरविंद केजरिवाल ने कभी भी अपने आपको सुरखियों से हटने नहीं दिया। पिफर चाहे वो अन्ना के साथ रह कर या पिफर उनसे अलग रह कर। मिडिया ने भी उनके द्वारा किए गए वादों व एलानों को जनता तक पहुंचाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई। मिडिया ने उनके भाषणों, जनसभाओं, रैलियों को अत्याध्कि सुर्खियों में रखा। अरविंद केजरिवाल ने भी मीडिया को हर दुसरे दिन नए अवसर दिए ओैर सुर्खियों में बने रहे। चाहे वो काभी उपवास करके, बिजली के खंभे पर चढ़कर या सड़कों पर प्रदर्शन कर कर। उन्होंने एक पूर्वयोजित ढ़ंग से दिल्ली वासियों के मन में अपनी छवी बना डाली। जिसका पफायदा उनकों दिल्ली विधनसभा चुनाव में मिला। ऐसे नतिजों को देखकर केवल बड़े-बड़े राजनेता ही नहीें अपितु कई विशेषज्ञ भी मात खा गए। अरविंद केजरिवाल ने आते ही अपने दो बड़े वादों को पूरा करते हुए बिजली कंपनियों को अॅडिट करने का भी हुक्कुम दे डाला। अगर विशेषज्ञों कि माने तो पानी व बिजली के मुद्दों पर उठाए गए कदम ज्यादा समय व ज्यादा लोगों के लिए कारगार नहीं है। अपितु अरविंद केजरिवाल ने ये पफैसले लेकर दिल्ली की भोली-भाली जनता को अपने तरपफ और रूझा लिया है। अरविंद केजरिवाल इस राजनिति के मैदान में पुरी तैयारी से आए है। उन्होने खुद को ही नही बल्की अपने मंत्रियों को भी मीडिया का उपयोग बखुबी सिखा दिया है। तभी तो उनके मंत्राी रातों को सड़क पर निकल पड़ते हैं, रैनबसेरे के पास पराठें खाते हैं व मीडिया के साथ ही अस्पताल पहुंच जाते हैं। अरविंद केजरिवाल की कामयाबी के पीछे उनकी पूर्व आयोजित योजनाओं व मीडिया का बहुत बड़ा हाथ है। अब देखना यह होगा की आने वाले आम चुनाव में अरविंद केजरिवाल की क्या भूमिका होती है?

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