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The Updated Version of Human!

Yeah! The Updated Version of Human, the human who doesn't bother to know who is dying beside him; who is murdered in front of him; who is slaughtered behind him... 

The updated version of Human is just busy in penetrating the eye into mobile phone. It doesn't speaks much, look quiet. It's top three speed dial of the phone doesn't include the person who gave birth to him? The new updated version is lost in an world which doesn't exist! Don't force yourself to update this version! Live in a world which belongs to you! Live with family, friends and nature! Don't kill your existence!

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बरसात के मौसम में तुम, मैं और यह सफऱ!

"रख सकते हो तुम मेरे कंधे पर हाथ" सर के पीछे विकास का हाथों को महसूस कर रोशनी ने कहा...  "अधिकार नहीं है मुझे... I don't have the rights" हाथों को झट से नीचे खींचते हुए विकास ने कहा था  "अच्छा!! ज़रूरी है कि हर किसी चीज़ के लिए राइट हो ?" "हहम्म...हाँ! ज़रूरी है" दोनों चुप चाप चलने लगे... दोनों को जल्दी थी। विकास को ऑफ़िस पहुँचना था और रोशनी को घर। लेकिन बावजूद इसके दोनो के क़दम जैसे बढ़ ही नहीं रहे थे। कॉफ़ी हाउस से मेट्रो की तरफ़ बढ़ते उनके क़दम के बीच कहीं ख़ामोशी, कोई सन्नाटा था! इस बीच दोनों के हाथों की छोटी ऊँगली कब एक दूसरे के साथ हो गयी पता ही नहीं चला। राजीव चौक से रोशनी को घर जाने के लिए येलो लाइन की मेट्रो पकड़नी थी तो विकास को ऑफ़िस जाने के लिए स्टेशन के बाहर से ऑटो! रोशनी ने ज़िद्द की कि मुझे मेट्रो स्टेशन के अंदर तक तो छोड़ दो।  "यार मुझे ऑफ़िस के लिए लेट हो रहा है... मुझे निकलना है..." "अच्छा... तो चल तेरे ऑफ़िस चलते हैं। मैं वहाँ से मेट्रो ले लूँगी " "ठीक है... This is good" मुँह बनाते...

अंधियारी रात और रोशनी...

शादी हुए एक साल से ज्यादा हो गया है.. लेकिन आज भी न जानें क्यों विकास को कहीं न कहीं लगता है कि कभी न कभी तो रोशनी लौट आएगी… लौटा आएगी विकास के पास शायद अपने वादों को निभाने या फिर उसे मासूम प्यार के लिए जो न रिश्ते समझते थे और न ही परिस्थिति, समझते थे तो केवल प्यार… रोशनी की शादी हो जाने के बाद भी विकास आगे न बढ़ पाया था लेकिन इस बात का एहसास ही उसे करीब दो साल बाद हुआ. रोशनी ने जब फोन पर कहा कि किसी और के साथ उसका रिश्ता तय हो गया तो विकास ने ठान लिया कि अब न वह रोशनी को फोन करेगा और नहीं रोशनी की निजी जिंदगी में दखल देगा… मन में ऐसा ठन विकास ने करीब सालभर रोशनी से बात करने की कोशिश तक न की... रोशनी की शादी हो जाने के बाद कही महीनों तक वह खुद को समझाता रहा कि रोशनी नहीं तो कोई और कभी न कभी अपने हाथ में दिया लिए उसकी अंधियारी जिंदगी में आएगी… लेकिन उसे कहां पता था कि वह अब तक रोशनी से आगे बढ़ ही नहीं पाया था… वह अब भी वहीं खड़ा था.. खड़ा था उस रोशनी के इंतजार में जिससे उनसे बुढ़ापा साथ बितानी का वादा लिया था… उस रोशनी के इंतजार में जिसके जिस्म से नहीं बल्कि उसके हो...

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#RidingDiary01: Damdama Lake, Delhi to Sohna It was my week off and I had no plans for the day! I called up my friend and we decided to have a long ride of my Royal Machine, Bullet Classic 350. So we headed towards Damdama Lake, Sohna. It was an awesome trip for us. Check out what we did in video here :